कोरोना के बाद हो रही बीमारियां भी लील रही है जिंदगी, बीकानेर में चार महीने में 85 मौत

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बीकानेर28 मिनट पहले

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कोरोना के लिए बनाये गए अस्पतालों में तो रोगी नहीं है लेकिन पोस्ट कोविड वार्ड में अभी भी रोगी है और मौत का सिलसिला अभी जारी है। - Dainik Bhaskar

कोरोना के लिए बनाये गए अस्पतालों में तो रोगी नहीं है लेकिन पोस्ट कोविड वार्ड में अभी भी रोगी है और मौत का सिलसिला अभी जारी है।

  • कोरोना में नहीं गिनी जा रही ये मौतें

बीकानेर में कोरोना रोगियों की संख्या में भारी कमी आई है, इसके बाद भी सिर्फ तीस दिन में साठ लोग इस महीने कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। यह आंकड़े अगर आम आदमी को इस खतरनाक बीमारी से जागरूक रहने के लिए नाकाफी है तो बता देते हैं कि पोस्ट कोविड से पिछले चार महीने में 85 लोगों की मौत हो चुकी है।

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में दो अक्टूबर को पोस्ट कोविड वार्ड बनाया गया था। तब से अब तक इस वार्ड में 177 लोगों को भर्ती किया गया। ये वो लोग है, जिनका स्वास्थ्य कोरोना होने से बिगड़ा था लेकिन कुछ दिन बाद आरटीपीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव आ गई थी। किसी के लंग्स में दिक्कत थी तो किसी को सांस में दिक्कत थी। यहां भर्ती के बाद आधे से ज्यादा रोगी तो ठीक हो गए, वहीं 85 की मौत हो गई।

असल में ज्यादा है आंकड़ा

ये आंकड़े सिर्फ पोस्ट कोविड वार्ड के है, जिसकी स्थापना ही 2 अक्टूबर को हुई थी। इससे पहले टीबी अस्पताल, मेडिसिन विभाग, पीबीएम अस्पताल के डी वार्ड में भी पोस्ट कोविड के रोगी भर्ती थे। उनकी मौत भी कोरोना के कारण हुए रोगों से हुई थी। तब किसी को सांस की बीमारी के कारण तो किसी को लंग्स में दिक्कत के कारण हुई। इन मौतों को कोरोना से हुई मृत्यु में शामिल नहीं किया गया।

अब भी सावधानी जरूरी है

पोस्ट कोविड के प्रभारी व मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. बालकिशन गुप्ता का कहना है कि कोरोना से बचने के लिए जागरूक रहना चाहिए। पोस्ट कोविड के कारण लोगों की मौत का सिलसिला अभी जारी है। अगर पॉजीटिव है तो तरीके से उसका इलाज करावें। अब नब्बे फीसदी से अधिक लोग तुरंत ठीक हो रहे हैं। मौत की दर बहुत कम रह गई है। लापरवाही करने से नुकसान हो सकता है।

नहीं हो रही सफाई

उधर, अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि पोस्ट काेविड वार्ड में साफ सफाई नहीं हो रही। यहां तक कि सेनेटाइजेशन भी तीन महीने पहले हुआ था। इस बारे में प्रभारी डॉ. बालकिशन गुप्ता का कहना है कि नए मानदंडों में वार्ड के अंदर बार बार सेनेटाइजेशन की जरूरत नहीं है।

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