कोरोना मरीज के परिवार से दवा के नाम पर ठगी करने वाले डॉक्टर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजा गया जेल

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पटना3 मिनट पहले

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  • दानापुर के खगौल इलाके में स्थित क्यूरिस हॉस्पिटल से गिरफ्तार किया गया
  • पूछताछ के दौरान पुलिस को बरगलाने की कोशिश करता रहा, बातें बदलता रहा

कोरोना मरीज के परिवार से मेडिसिन के नाम पर 40 हजार से अधिक रुपए की ठगी करने वाला जालसाज डॉक्टर जयप्रकाश को शनिवार को पटना पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। फुलवारीशरीफ थाने की टीम सादे लिबास में दानापुर के खगौल इलाके में स्थित क्यूरिस हॉस्पिटल पहुंची थी। ठगी की शिकायत करने वाली 17 साल की साक्षी भी पुलिस टीम के साथ गई थी। हॉस्पिटल पहुंचने पर डॉक्टर जय प्रकाश के बारे में पड़ताल की गई। उसकी तस्वीर को दिखाकर रिसेप्शन पर मौजूद स्टाफ से कंफर्म किया गया। इसके बाद ही पुलिस की टीम उसके चैंबर में गई और फिर उसे पकड़कर फुलवारीशरीफ थाने ले आई।

पूछताछ में बनाता रहा बातें
गिरफ्तार होने के बाद भी डॉक्टर जय प्रकाश की शातिरगिरी कम नहीं हुई। पूछताछ के दौरान वह इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर को बरगलाने की कोशिश करता रहा। बार-बार अपनी बातों को बदलता रहा। कभी कहता कि साक्षी के पापा ने उससे रुपए लिए थे, वही रुपए उनके परिवार ने लौटाया है। कभी कहता कि साक्षी के पिता की ज्वेलरी की दुकान थी, उन्होंने ज्वेलरी सही नहीं दी थी इस कारण उनके बेटे को रुपया वापस करना था। वह अपना रिश्ता कंप्लेन करने वाली नाबलिग लड़की से भी जोड़ने की कोशिश करता रहा। उससे जब हॉस्पिटल के अंदर से मरीज की फोटो उनके बेटे के मोबाइल पर भेजे जाने के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि वो खुद ही PPE किट पहनकर गया था। पूछताछ के दौरान वह तरह-तरह के बहाने बनाने के बाद भी पुलिस के सामने अपनी बेगुनाही का सबूत नहीं दे पाया। उसे जेल भेज दिया गया।

AIIMS में भर्ती पेशेंट के नाम पर ठगी

यह है पूरा मामला
रोहतास के संझौली के रहने वाले ज्वेलर लालबाबू गुप्ता कोरोना मरीज थे। 17 जुलाई 2020 को इलाज के लिए उन्हें पटना AIIMS में एडमिट कराया गया था। उस दौरान लालबाबू के परिवार ने डॉक्टर जयप्रकाश से संपर्क किया। डॉक्टर जयप्रकाश खुद को कभी फोर्टिस, कभी पारस तो कभी अपोलो हॉस्पिटल का डॉक्टर बताता था। तब उसने कहा था कि उसका एक बैचमेट AIIMS में है। इसके बाद लालबाबू की फोटो उनके बेटे के मोबाइल पर भेज कर कहा था कि उनकी हालत सही नहीं है। उनको एक मेडिसिन की जरूरत है, जो AIIMS के पास नहीं है, उसे बाहर से मंगवाना होगा। इसी के नाम पर एक बार 20900 और दूसरी बार में 20 हजार रुपया गूगल पे के जरिए लिया था। बाद में लालबाबू की बेटी साक्षी को इसकी ठगी का एहसास हुआ तो उसने प्राइम मिनिस्टर ऑफिस (PMO) में अपनी कंप्लेन दर्ज कराई। इसके बाद PMO हरकत में आया। तब जाकर पटना के फुलवारीशरीफ थाने में डॉक्टर जयप्रकाश के खिलाफ जालसाजी की FIR दर्ज की गई जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया। लालबाबू गुप्ता की IGIMS में 24 अगस्त को मौत हो गई थी।

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