65 दिन में 14 बार दिया ऑपरेशन का डेट, 4 बार OT से बाहर निकाला, ऑपरेशन तो नहीं हुआ, हो गई मौत

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पटना6 मिनट पहले

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मौत से पहले PMCH में भर्ती देवेंद्र राय। - Dainik Bhaskar

मौत से पहले PMCH में भर्ती देवेंद्र राय।

  • मोतिहारी के देवेंद्र राय की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी, उसी का होना था ऑपरेशन
  • PMCH में ऑपरेशन के लिए मरीजों को करना पड़ रहा है लंबा इंतजार

बिहार के सबसे बड़े अस्पताल PMCH में 65 दिनों से ऑपरेशन का इंतजार कर रहे एक मरीज की इलाज के अभाव में मौत हो गई। मोतिहारी के बरवा खुर्द निवासी 42 साल के देवेंद्र राय ट्रैक्टर की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों ने 28 नवंबर 2020 को PMCH में भर्ती कराया था। उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी जिसके लिए उनका ऑपरेशन होना था। डॉक्टरों ने 14 बार ऑपरेशन का डेट दिया और 4 बार ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकाला गया। इलाज में दो लाख रुपए खर्च हो गए लेकिन ऑपरेशन का इंतजार पूरा नहीं हुआ। सर्जरी के इंतजार में शनिवार की रात देवेंद्र की PMCH में मौत हो गई।

हर दिन रहता था ऑपरेशन का इंतजार

देवेंद्र राय के बेटे राम प्रवेश का कहना है कि उनके पिता को हर दिन ऑपरेशन का इंतजार रहता था। उन्हें भरोसा था कि वह बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में पहुंच गए हैं तो जान बच जाएगी। लेकिन उनकी सांस के साथ ही यह उम्मीद भी टूट गई। राम प्रवेश का कहना है कि वह काफी गरीब परिवार के हैं और गरीबी पर ऑपरेशन का इंतजार भारी पड़ गया है। इलाज के दौरान दवा में दो लाख रुपए खर्च हो गए, ऑपरेशन भी नहीं हुआ। राम प्रवेश का आरोप है कि डॉक्टरों की मनमानी से ऑपरेशन नहीं हो पाया। इस दौरान 14 बार ऑपरेशन का डेट दिया गया और 4 बार OT से बाहर किया, शनिवार को हालत बिगड़ी जिससे रात में मौत हो गई।

मंगलवार को देते थे डेट फिर करते थे कैंसिल

राम प्रवेश का आरोप है कि PMCH में 28 नवंबर के बाद से कई मंगलवार को डेट दिया गया कि ऑपरेशन किया जएगा। खून से लेकर हर व्यवस्था कराई जाती थी लेकिन फिर कैंसिल कर दिया जाता था। तारीख पर तारीख देते रहते थे लेकिन काम कुछ नहीं करते थे। आर्थो इमरजेंसी में भर्ती देवेंद्र की सांस भी इंतजार में ही निकली। परिजनों का आरोप है कि अगर समय से इलाज किया गया होता तो देवेंद्र की जान बचाई जा सकती थी। राम प्रवेश का कहना है कि उनके पिता मजदूरी करते थे। एक दिन जबरन काम पर ले जाया गया और उसी दिन ट्रैक्टर के नीचे आकर वह वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हाथ-पैर काम नहीं कर रहे थे।

कभी कोरोना का बहाना तो कभी डॉक्टरों की हड़ताल

राम प्रवेश का कहना है कि PMCH में ऑपरेशन के लिए कभी कोरोना का बहाना होता था तो कभी डॉक्टरों की हड़ताल का। डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान भी डेट दिया गया था लेकिन ऑपरेशन नहीं किया गया। ऐसे में पूरा दिसंबर और जनवरी का महीना बीत गया लेकिन ऑपरेशन नहीं किया गया।

21 दिसंबर से भर्ती नेहा को भी ऑपरेशन का इंतजार

नेहा कुमारी भी PMCH के आर्थो इमरजेंसी में बेड नंबर 3 पर 21 दिसंबर 2020 से भर्ती है। कमर के ऊपर रीढ़ की हड्‌डी टूटी है। इनकी मां मंजू का कहना है कि कई मंगलवार को ऑपरेशन के लिए डेट दिया गया लेकिन अब तक ऑपरेशन नहीं हो पाया है। कई बार तो ऑपरेशन थिएटर से वापस किया गया। मंजू का कहना है कि इतना इंतजार करने के बाद भी ऑपरेशन नहीं हो पाया है। डॉक्टरों की हड़ताल से लेकर कई बाधा बताकर डॉक्टर सिर्फ तारीख पर तारीख दे रहे हैं।

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